27 सितंबर 2019 - 14:41
इतिहास में कर्बला की घटना के बाद सबसे ज़्यादा प्रभावित करने करने वाली घटना!

तेहरान के जुमे के इमाम ने दुश्मन के अतिक्रमण के ख़िलाफ़ ईरानी राष्ट्र के पवित्र प्रतिरक्षा के 8 साल को समकालीन इतिहास में बहुत प्रभावी बताया।

हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने जुमे की नमाज़ के विशेष भाषण में पवित्र प्रतिरक्षा सप्ताह शुरु होने की ओर इशारा करते हुए कहा कि इतिहास में कर्बला की घटना के बाद अगर किसी घटना ने सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है तो वह पवित्र प्रतिरक्षा की घटना है। उनका इशारा इराक़ द्वारा ईरान पर थोपी गयी 8 साल की जंग के दौरान ईरानी राष्ट्र के सपूतों के देश की रक्षा के संघर्ष की ओर है।

उन्होंने इस बात की ओर इशारा करते कि हुए जंग के समय सारी दुनिया के देश अतिक्रमणकारी दुश्मन का समर्थन कर रहे थे, ईरानी सेना टूट चुकी थी और आईआरजीसी को भी लड़ने का अनुभव नहीं था, कहा कि ईरानी राष्ट्र ने इमाम ख़ुमैनी के दिशा निर्देश में 8 साल दुनिया की बड़ी शक्तियों के सामने दृढ़ता दिखायी और प्रतिरोध किया।

जुमे के इमाम हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सिद्दीक़ी ने मोहर्रम के दुखद दिनों पर संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि आज इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से श्रद्धा विश्व स्तर पर दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और शिया, सुन्नी, ईसाई, अर्मनी सहित दुनिया के विभिन्न धर्मों व मतों के 2 करोड़ अनुयाइयों की चेहलुम के कार्यक्रम में मौजूदगी, यह दर्शाती है कि इमाम हुसैन उस जारी सोते की तरह हैं जिससे सभी अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

तेहरान के जुमे के इमाम ने उस मानवाधिकार की आलोचना की जिसमें दुनिया के पीड़ितों का समर्थन नहीं है। इसी तरह उन्होंने दुनिया के कुछ देशों में जनता के सामने कड़े हालात की आलोचना करते हुए कहा कि कश्मीर की पीड़ित जनता की मुश्किलों के हल के लिए जिन्हें अत्याचार का सामना है, नाइजीरिया के शियों के लिए जहां के मानवाधिकार में उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया है, बहरैन के शियों के लिए जिन्हें अपने भविष्य के निर्धारण का अधिकार नहीं है और सऊदी अरब के शियों के लिए सभी इस्लामी देशों को मिल कर कोशिश करनी चाहिए।